इंगांपअकें की उपलब्धियां

 

2013 - इंडियन रेड्यूस्ड एक्टिवेशन फ़ारिटिक मार्टेंसिटिक स्टील का विकास
- एफएबीटीआर के मार्क-I मिश्रित कार्बाइड ईंधन के सॉलिडस तापमान का प्रायोगिक निर्धारण
- द्रुत रिएक्टर ईंधन चक्र सुविधा परियोजना के लिए निर्माण मंजूरी और वित्तीय स्वीकृति
2012 - अंतरिम फ्यूल स्टोरेज बिल्डिंग की कमीशनिंग
- सोडियम बांडेड ईंधन पिनों का संविरचन व एफबीटीआर में किरणन परीक्षण शुरू
- रेडियोमेटलर्जी प्रयोगशाला के हॉट सेलों में उच्च बर्न-अप ऑक्साइड ईंधन का पहला पश्च किरणन परीक्षण
2011 - मिनी सोडियम प्रायोगिक सुविधा (मिना) की स्थापना
2010 - एफबीटीआर का पच्चीस वर्षों से सफल प्रचालन
- एसजीटीएफ में 5.5 MWT के पीएफबीआर मॉडल स्टीम जेनरेटर का परीक्षण एवं सतत प्रचालन
- पच्चीस वर्षों के सफल संचालन में रेडियोमाइटलर्जी लैबोरेटरी
2009 - पीएफबीआर के साधना लूप में पासिव डीके हीट रिमूवल का प्रदर्शन
- एफबीटीआर, पचपन सबअसेम्बलियों के साथ अधिकतम 18.6 MWt  विद्युत स्तर पर 1723 घंटों के लिए संचालित
- एफबीटीआर के भुक्तशेष ईँधन के पुनर्संसाधन द्वारा उत्पादित प्लुटोनियम को गुटिकाओं में निर्मित करने के साथ ही द्रुत रिएक्टर ईँधन चक्र पूर्ण रूप से बंद हो गया। इन गुटिकाओं से भरे ईँधन पिनों को एक ईँधन सबअसेम्बली में डालकर एफबीटीआर में लोड किया गया।
- एफबीआर नियंत्रण छड़ों के विकास के लिए आवश्यक 90% बोरन समृद्धिकरण का प्रदर्शन
2008 - 500 MWe प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर के मिश्रित ऑक्साइड परीक्षण ईंधन ने एफबीटीआर में लगभग 80 GWd/t का बर्नअप हासिल किया
- विश्व में पहली बार 154 GWd/t बर्नअप एफबीटीआर ईंधन का पुनर्संसाधन सफलतापूर्वक किया गया
- पीएफबीआर हेतु विविध सुरक्षा रॉड की पहचान के लिए आवर्त विद्युत स्थिति संसूचक विकसित
2007 - एफबीटीआर ईंधन, बिना किसी भी तरह की ईंधन विफलता के, 155 GWd/t  के शीर्ष बर्नअप तक पहुंचा
- विनिर्माण प्रौद्योगिकी के रूप में, दो वलयाकार ट्रेक पर ग्रिड प्लेट की हार्ड फेसिंग हासिल की गई
- एसजीटीएफ पूर्ण पावर पर संचालित (5.5 MWt)
2006 - एफबीटीआर ईंधन, बिना किसी भी प्रकार की ईंधन विफलता के, 154 GWd/t  के अधिकतम बर्नअप तक पहुंचा
- पीएफबीआर के लिए आवश्यक सभी प्रमुख घटकों के निर्माण के लिए प्रौद्योगिकी विकास पूर्ण  कठोर परीक्षण के बाद सीएसआरडीएम ने पीएफबीआर के लिए योग्यता प्राप्त की
- इंगाँपअकें में बीएआरसी ट्रेनिंग स्कूल शुरू
2005 -

सोडियम में डीएसआरडीएम का परीक्षण पूरा, सहन परीक्षण को छोड़कर (फरवरी, 2005)

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50,000 MWd/t किरणित द्रुत प्रजनक परीक्षण रिएक्टर (एफबीटीआर) ईंधन पिनों का पुनर्संसाधन पूरा (मार्च, 2005)

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मेसर्स एमटीएआर, हैदराबाद में सफलतापूर्वक निर्मित ग्रिड प्लेट के साथ प्रोटोटाइप द्रुत प्रजनक रिएक्टर (पीएफबीआर) के सभी क्रांतिकों के लिए प्रौद्योगिकी विकास पूर्ण (मार्च, 2005)

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65% तक समृद्धित कुछ किलोग्राम बारिक अम्ल को समृद्धित तात्विक बोरॉन के उत्पादन के लिए सुपूर्द किया (अप्रैल, 2005)

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मई, 2005 में 12वें किरणन अभियान के समापन पर द्रुत प्रजनक परीक्षण रिएक्टर (एफबीटीआर) ईंधन ने 148,000 MWd/t का बर्न अप प्राप्त किया और प्रोटोटाइप द्रुत प्रजनक रिएक्टर (पीएफबीआर) परीक्षण एसए ने 52,000 मेगावाट टन प्रतिदिन का बर्न अप प्राप्त किया (मई, 2005)

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100,000 MWd/t किरणित द्रुत प्रजनक परीक्षण रिएक्टर (एफबीटीआर) ईंधन पिनों का पुनर्संसाधन सफलतापूर्वक पूरा किया, इसके साथ ईंधन चक्र को पूरा करने के लिए प्रौद्योगिकी प्रदर्शित (मई, 2005)

2004 -

1,00,000 मेगावाट टन प्रतिदिन किरणित द्रुत प्रजनक परीक्षण रिएक्टर (एफबीटीआर) कार्बाइड ईंधन की पीआईई को पूरा किया गया (जनवरी, 2004)

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1,00,000 मेगावाट टन प्रतिदिन किरणित द्रुत प्रजनक परीक्षण रिएक्टर (एफबीटीआर) कार्बाइड ईंधन का न्यूट्रॉन विकिरण-चित्रण पूरा किया गया

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लेड मिनि सेल में द्रुत प्रजनक परीक्षण रिएक्टर (एफबीटीआर) से 25,000 मेगावाट टन प्रतिदिन किरणित ईंधन के पुनर्संसाधन के लिए सारकोप से अनुमति प्राप्त किया गया (नवम्बर, 2004)

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भाप जनित्र के बिना 2 मेगावाट पर सोडियम के साथ भाप जनित्र परीक्षण सुविधा (एसजीटीएफ) प्रारंभ

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25,000 MWd/t किरणित द्रुत प्रजनक परीक्षण रिएक्टर (एफबीटीआर) ईंधन पिनें लेड मिनि सेल में संकर्तित और विलीन (दिसंबर, 2004)

2003 -

भाप जनित्र परीक्षण सुविधा का निर्माण (मार्च, 2003)

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दि्वतीयक सोडियम पम्प का द्रवचालित विकास (मार्च, 2003)

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प्रोटोटाइप द्रुत प्रजनक रिएक्टर (पीएफबीआर) ट्रांसफर आर्म के विनिर्माण के लिए प्रौद्योगिकी विकास (मार्च, 2003)

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प्रयोगशाला स्तर पर द्रुत प्रजनक परीक्षण रिएक्टर (एफबीटीआर) कार्बाइड ईंधन के पुनर्संसाधन के लिए डेमो सुविधा लेड मीनि सेल (एलएमसी) प्रारंभ (मार्च, 2003)

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प्रोटोटाइप द्रुत प्रजनक रिएक्टर (पीएफबीआर) भाप जनित्र वाष्पित्र के लिए प्रौद्योगिकी विकास पूरा (मार्च, 2003) किया गया

- किरणन के लिए द्रुत प्रजनक परीक्षण रिएक्टर (एफबीटीआर) में पीएफबीआर परीक्षण उपसमन्वायोजन भारित (जून, 2003)
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निम्न बर्न अप द्रुत प्रजनक परीक्षण रिएक्टर (एफबीटीआर) कार्बाइड ईंधन पिनें संकर्तित और एलएमसी में विलीन (अगस्त, 2003)

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बोरॉन संवर्धन संयंत्र ने बोरॉन -10 में 62% संवर्धन प्राप्त किया (अगस्त, 2003)

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उच्च शुद्धता (90%) तात्विक बोरॉन उत्पादन निरूपित (अगस्त, 2003)

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प्रोटोटाइप द्रुत प्रजनक रिएक्टर (पीएफबीआर) के निर्माण के लिए प्रशासनिक अनुमोदन और वित्तीय मंजूरी प्राप्त (सितम्बर, 2003)

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प्रोटोटाइप द्रुत प्रजनक रिएक्टर (पीएफबीआर) के निर्माण के लिए नई कंपनी भाविनि का गठन (अक्तूबर, 2003)

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द्रुत प्रजनक परीक्षण रिएक्टर (एफबीटीआर) कार्बाइड ईंधन ने 123,000 मेगावाट टन प्रतिदिन बर्न अप प्राप्त किया (दिसम्बर, 2003)

2002 -

गुणवत्ता अभियांत्रिकी सेवा और परीक्षण सुविधा की स्थापना

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प्रोटोटाइप द्रुत प्रजनक रिएक्टर (पीएफबीआर) प्रशासनिक भवन का उद्घाटन

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परीक्षण स्फोट और विजलन अध्ययनों के लिए स्थल उत्खनन

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प्रोटोटाइप द्रुत प्रजनक रिएक्टर (पीएफबीआर) स्थल एसेंबली शॉप का निर्माण प्रारंभ

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तरल हीलियम की शुरूआत प्रारंभ

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1.7 एमईटी टेंडेट्रॉन त्वरक का प्रारंभ

2001 -

बोरॉन संवर्धन संयंत्र का प्रारंम्भण (अप्रैल, 2001)

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आन्तरिक पात्र खण्डों के विनिर्माण के लिए प्रौद्योगिकी विकास, एसजी वाष्पित्र, सीएसआरडीएम और डीएसआरडीएम

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प्राथमिक सोडियम पम्प का द्रवचालित विकास

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प्रोटोटाइप द्रुत प्रजनक रिएक्टर (पीएफबीआर) प्रशासनिक भवन की आधारशिला रखी गई

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द्रुत प्रजनक परीक्षण रिएक्टर (एफबीटीआर) ने बिना किसी ईंधन विफलता के 1,00,000 मेगावाट प्रतिदिन/टन बर्न अप प्राप्त कर एक बडी उपलब्धि हासिल की

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10 टी भूकंपी हल्लन/कंपन टेबल का प्रारम्भण

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मानक मापन और अंशांकन सुविधा की स्थापना

2000

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प्रोटोटाइप द्रुत प्रजनक रिएक्टर (पीएफबीआर) के बीओपी अभिकल्प के लिए परामर्शदाताओं की नियुक्ति

1999 -

जिरकोलॉय एवं Zr-Nb मिश्रधातुओं पर मंद विरूपण आंकडे के लिए द्रुत प्रजनक परीक्षण रिएक्टर (एफबीटीआर) में किरणन प्रयोग

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द्रुत प्रजनक परीक्षण रिएक्टर (एफबीटीआर) ईंधन 50,000 मेगावाट टन प्रतिदिन बर्न अप स्तर तक पहुंचने के लिए स्थापित

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रोटोर गतिक अध्ययनों के लिए सोडियम पम्प परीक्षण सुवीधा

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द्रुत प्रजनक परीक्षण रिएक्टर (एफबीटीआर) के लिए स्टेट ऑफ आर्ट न्यूट्रॉनिक चैनल प्रारंभ

1998 -

संरचनात्मक यांत्रिकी प्रयोगशाला प्रारंभ प्रौद्योगिकी

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प्रौद्योगिकी विकास के लिए पीएफबीआर के मुख्य पात्र सेक्टर का संविरचन

1997 -

द्रुत प्रजनक परीक्षण रिएक्टर (एफबीटीआर) टर्बो जनित्र को दक्षिणी ग्रिड से जो़ड़ा गया

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कामिनी रिएक्टर को पूरी क्षमता पर ले जाया गया/चलाया गया

1996 -

द्रुत प्रजनक परीक्षण रिएक्टर (एफबीटीआर) ईंधन ने 25,000 मेगावाट टन प्रति दिन बर्न अप पार किया

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कामिनी रिएक्टर क्रांतिकता (अक्तूबर, 1996)

1995

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प्रोटोटाइप द्रुत प्रजनक रिएक्टर (पीएफबीआर) के लिए दो लूप डिजाइन पर निर्णय

1994

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सोडियम में बड़े रिएक्टर घटकों के परीक्षण हेतु सुविधा का प्रारंभ

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स्क्विड, एएसआईसी और डायमंड एन्विल कोशिका विकसित

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द्रुत प्रजनक परीक्षण रिएक्टर (एफबीटीआर) में उच्च क्षमता भौतिकी और अभियांत्रिकी परीक्षण

1993 -

द्रुत प्रजनक परीक्षण रिएक्टर (एफबीटीआर) का 10.5 मेगावाट (एलएचआर 320 डब्ल्यू/सेंमी) पर सतत प्रचालन

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कण किरणन सुविधा (पीआईएफ) और रेडियो रसायन हॉट सेल का प्रारम्भण

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रेडियो धातुकर्म हॉट सेल का प्रारंभ

1991 -

तीन घटक ध्वनि संसूचक और रेंजिंग (सोडार) प्रणाली अधिष्ठापित

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भाप जल परिपथों के साथ (द्रुत प्रजनक) एफबीटीआर का ऊर्जा स्तर 4 मेगावाट तक पहुंचा

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द्रुत प्रजनक परीक्षण रिएक्टर (एफबीटीआर) का ऊर्जा स्तर 8 मेगावाट (एलएचआर 250 डब्ल्यू/सेंमी) तक पहुँचा

1990 -

द्रुत प्रजनक परीक्षण रिएक्टर (एफबीटीआर) का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन पऊवि/पऊआ को प्रस्तुत

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द्रुत प्रजनक परीक्षण रिएक्टर (एफबीटीआर) का ऊर्जा स्तर 1 मेगावाट तक बढ़ा

1989

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यू 233 पृथक्करण के लिए किरणित थोरियम छड़ों का पुनर्संसाधन

1987

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द्रुत प्रजनक परीक्षण रिएक्टर (एफबीटीआर) में निम्न क्षमता प्रयोग

1985

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रिएक्टर अनुसंधान केन्द्र का नाम बदलकर इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केन्द्र (इंगांपअकें) रखा गया (दिसम्बर, 1985)

1983 -

प्रोटोटाइप द्रुत प्रजनक रिएक्टर (पीएफबीआर) संभाव्यता प्रतिवेदन

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स्वास्थ्य एवं संरक्षा प्रयोगशाला

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द्रुत प्रजनक परीक्षण रिएक्टर (एफबीटीआर) ने पहली क्रांतिकता प्राप्त की (अक्तूबर 1985)

1982 -

कंप्यूटर केंद्र एवं प्रशासन भवन

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इलेक्ट्रॉनिकी एवं यंत्रीकरण प्रयोगशाला

1980

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रेडियो रसायन प्रयोगशाला

1978

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पदार्थ विकास प्रयोगशाला

1977

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रेडियो धातुकी प्रयोगशाला

1976 -

संरक्षा अनुसंधान प्रयोगशाला

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पदार्थ विज्ञान प्रयोगशाला

1975 -

केन्द्रीय वर्कशॉप

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केन्द्रीय जल द्रुतशीतन संयंत्र

1973 -

केन्द्रीय अभिकल्प कार्यालय

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पुनर्संसाधन विकास प्रयोगशाला

1972

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अभियांत्रिकी हॉल

1971

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रिएक्टर अनुसंधान केन्द्र (आरआरसी) की स्थापना

- द्रुत प्रजनक परीक्षण रिएक्टर (एफबीटीआर) का सिविल निर्माण प्रारंभ